तुतलाना बीमारी नहीं है

तुतलाना बीमारी नहीं एक गलत आदत है, जो कि बचपन से ही होती है। सभी बच्चे बचपन में अपने घर वालों को बोलते हुए देखकर उनकी नकल करके बोलना सिखते हैं। शुरू-शुरू में सभी बच्चे तुतलाकर ही बोलते हैं, उस समय घर वालों को चाहिए कि जिस शब्द को बच्चा गलत बोलता है, उसी शब्द को दुबारा ठीक से बुलवाऐं। जो घर वाले उस उम्र में बच्चे को ठीक बोलना सिखा लेते हैं, उस बच्चे के उच्चारण शुद्ध हो जाते हैं और जो नहीं सिखाते उस बच्चे को तुतलाकर बोलने की आदत हो जाती है। ऐसे बच्चे क को त, ख को थ तथा रोटी को लोती आदि बोलते हैं।

तुतलाने वाले की जबान बिल्कुल ठीक होती है, कुछ लोगों का बहम होता है कि जबान निचे से चिपकी हूई है, जबान को बाहर निकलवाकर देखो अगर जबान होठों से बाहर आती है तो जबान बिल्कुल ठीक है।

 

तुतलाने का इलाज

तुतलाने वाले व्यक्ति को जबान के उच्चारण-स्थान के मुताबिक ठीक अक्षर बोलने सिखाए जाते हैं और फिर नियमित रूप से ठीक बोलने का अभ्यास करवाया जाता है। नियमित रूप से ठीक बोलते-बोलते जबान को सही उच्चारण पर जाने की आदत हो जाती है और तुतलाने वाला व्यक्ति बिल्कुल ठीक बोलने लगता है।
 
तुतलाने के इलाज का समय

अगर आपका बच्चा 5 से 8-9 वर्ष तक का है और तुतलाता है तो आप अपने बच्चे के साथ दो दिन के लिए यहाँ आऐं, हम आपको इस इलाज की अभ्यास-विधि समझा देंगे, फिर आप घर पर ही अपने बच्चे को ठीक कर लेंगे, अगर 2 दिन के बाद आप और भी रूकना चाहें तो 2 दिन के कोर्स को बढ़ाकर 5 या 10 दिन का कोर्स भी कर सकते हैं।

अगर आपका बच्चा 10 से 15 वर्ष तक का है और तुतलाता है तो आप 10 दिन के लिए बच्चे के साथ यहाँ आयें, 10 दिन में सभी अक्षर ठीक बोलना सिखाने के बाद आगे के अभ्यास की विधि आपको समझा देंगे, फिर आप घर जाकर धीरे-धीरे बच्चे को पूरी तरह से ठीक कर लेंगे ।

अगर आप 16 वर्ष से बड़े हैं और अकेले रह सकते हैं तो आप अकेले यहां आ सकते हैं। अगर आपके पास समय की कमी है तो आप यहाँ कम से कम 10 दिन के लिये जरूर आयें क्योंकि सभी अक्षर ठीक बोलना सिखाने के बाद नियमित रूप से ठीक बोलने की आदत में डालना है। अगर समय है तो आपको यहाँ 20 या 30 दिन तक रहना चाहिए जिससे सेन्टर में रहते-रहते ही पूरी सफलता मिल जाये।

बहुत से तुतलाने वाले भाई अपनी तुतलाने की कमजोरी को छुपाने के लिये बोलने की स्पीड को बढा लेते है, ऐसा करने से तुतलाने के साथ-साथ हकलाना और शुरू हो जाता है।

 
तुतलाने के इलाज का खर्चा
20 या 30 दिन का पूरा कोर्स 15,000 रूपये
10 दिन का कोर्स 14,000 रूपये
5 दिन का कोर्स 12,500 रूपये
2 दिन का कोर्स 5,000 रूपये

छात्रावास में रहने व खाने का खर्चा 300 रू प्रतिदिन अलग से होगा।
यदि आप यहाँ आते समय नकदी रूपये लाना उचित नहीं समझें तो इंडिया स्पीच थैरेपी सेन्टर के नाम से जयपुर के किसी भी बैंक का बैंक-ड्राफ्ट बनवाकर ला सकते हैं।

नोटः- चैक स्वीकार नहीं किया जायेगा।

 
सेन्टर के नियम
1. सेन्टर में बहरे व दिमाग से कमजोर व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलता है।
2. छोटे बच्चों को माता या पिता की सहायता से ही 100% सफलता मिल सकती है।
3. आप सेन्टर में कभी भी आ सकते हैं लेकिन आने से पहले मोबाइल नम्बर पर अपनी सीट बुक जरूर करवायें।
4. आप सेन्टर मे जितने दिन रहेंगे फिस व खर्चा उतने ही दिन का लगेगा।
5. छोटे बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता को भी छात्रावास में रहने की सुविधा दी जायेगी।
6. सेन्टर व छात्रावास में शराब पीकर आना या रहना सख्त मनाहै।
नोट: सेन्टर में प्रवेश के समय हर छात्र को पहचान हेतु मान्यता प्राप्त दस्तावेज दिखाना होगा।
 
छात्रावास सुविधा

आमेर जयपुर का एक सुविख्यात पर्यटन स्थल है जो रेल्वे-स्टेशन व बस स्टैण्ड जयपुर से मात्र 10-12 किलोमीटर दूर दिल्ली रोड़ पर स्थित है। लोकल बसें या आटो रिक्षा दोनों ही सुविधायें यहाँ तक आने के लिये उपलब्ध हैं। आमेर में मोहल्ला-मेहन्दी का बास में सीधे रोड़ पर “यादव निवास” हमारी निजी बिल्ड़िंग है। इसी बिल्ड़िंग में हमारा निवास, आपका सेन्टर व छात्रावास स्थित है। छात्रावास में कमरे, चारपाई व बिस्तर के साथ मौसम के अनुसार (सर्दियों में गीजर व गर्मियों में पंखे, कुलर) सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

 
वेबसाईट- www.indiaspeechtherapyjaipur.org
भूप सिंह यादव, (स्पीच थैरेपिस्ट)
ई मेल- info@indiaspeechtherapy.org
मेहन्दी का बास, आमेर
मो.- +91-9414062108, +91-9799180108
फोन- 0141-2530108
जयपुर, राजस्थान (भारत)
 
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